योगी-शाह बैठक से यूपी राजनीति गरमाई, जल्द होगा नए मंत्रियों को विभागों का बंटवारा

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 14 May 2026, 05:50 pm
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर नए मंत्रियों को विभाग आवंटन और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। भाजपा सामाजिक समीकरण साधने और चुनावी तैयारी को मजबूत करने में जुटी है।

उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब नए मंत्रियों को विभाग आवंटन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। करीब एक घंटे चली इस अहम बैठक में विभागों के बंटवारे और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। गृह मंत्रालय ने भी सोशल मीडिया के जरिए इस मुलाकात की पुष्टि की है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में नए मंत्रियों को दिए जाने वाले विभागों पर लगभग अंतिम सहमति बन गई है। 10 मई को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में छह नए चेहरों को शामिल किया गया था, जबकि दो राज्य मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला था। हालांकि चार दिन बीतने के बाद भी विभागों का ऐलान नहीं होने से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं।


मिशन 2027 के हिसाब से तय हो रहे विभाग

सूत्रों के अनुसार, इस बार विभागों का बंटवारा केवल प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं किया जा रहा, बल्कि इसके पीछे मिशन-2027 की रणनीति भी अहम मानी जा रही है। भाजपा नेतृत्व अलग-अलग सामाजिक वर्गों को साधने की कोशिश में जुटा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट वोटरों को मजबूत करने के लिए भूपेंद्र सिंह चौधरी पर फोकस किया गया है, जबकि समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में आए मनोज पांडेय के जरिए ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की तैयारी है। वहीं कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर और कैलाश राजपूत जैसे नेताओं के जरिए दलित और पिछड़े वर्गों में पकड़ मजबूत करने की रणनीति बनाई जा रही है। माना जा रहा है कि नए मंत्रियों को ऐसे विभाग दिए जाएंगे, जिनका सीधा असर उनके क्षेत्र और समुदाय पर दिखाई दे सके।


भाजपा की नजर अब 2027 विधानसभा चुनाव पर

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ और अमित शाह की यह बैठक सिर्फ विभागों के बंटवारे तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका बड़ा मकसद 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी को धार देना भी है। भाजपा संगठन अभी से सामाजिक समीकरण मजबूत करने और क्षेत्रीय नेताओं को सक्रिय भूमिका देने की रणनीति पर काम कर रहा है। पार्टी चाहती है कि नए मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं और भाजपा की छवि को मजबूती से पहुंचाएं। माना जा रहा है कि विभागों की आधिकारिक घोषणा जल्द की जा सकती है। इसके बाद योगी सरकार पूरी ताकत के साथ चुनावी मोड में नजर आएगी और संगठन तथा सरकार दोनों स्तर पर सक्रियता बढ़ाई जाएगी।


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