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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 15 May 2026, 12:05 pm
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह और उनकी पत्नी भानवी कुमारी सिंह के बीच चल रहा विवाद चर्चा में आ गया है। इस बार मामला कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज होने तक पहुंच गया। एमपी-एमएलए कोर्ट के निर्देश के बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कंपनी से जुड़े आरोपों में केस दर्ज किया गया है। भानवी सिंह ने आरोप लगाया है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी संपत्ति और फर्म पर कब्जा करने की कोशिश की गई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि अक्षय प्रताप सिंह को राजा भैया का सबसे करीबी माना जाता है। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
फर्जी दस्तावेज बनाकर हिस्सेदारी लेने का आरोप
भानवी सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि अक्षय प्रताप सिंह और उनके सहयोगियों ने मिलकर फर्जी कागजात तैयार किए। आरोप है कि बिना अनुमति फर्म के दस्तावेजों में बदलाव किया गया और फर्जी तरीके से खुद को हिस्सेदार दिखाने की कोशिश की गई। शिकायत में रोहित सिंह, अनिल सिंह, रामदेव यादव समेत अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं। कोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया कि फर्म का पता बदला गया और शपथ पत्र व दस्तावेजों में कथित रूप से जालसाजी की गई। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामला गंभीर मानते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद हजरतगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अक्षय प्रताप बोले- मैं पहले भी निर्दोष था, आज भी हूं
एफआईआर दर्ज होने के बाद अक्षय प्रताप सिंह ने खुद पर लगे आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि कंपनी में किसी तरह का कोई फ्रॉड नहीं हुआ और उनके पास सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं। उनका कहना है कि यह एक पारिवारिक विवाद है, जिसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोर्ट में उनका पक्ष पहले सुना जाता, तो वे सभी तथ्य सामने रख देते। अक्षय प्रताप सिंह ने बताया कि पहले फर्म में भानवी सिंह और यशोधन शेट्टी डायरेक्टर थे, लेकिन बाद में उन्हें डायरेक्टर बनाया गया। उन्होंने कहा कि वे कोर्ट में खुद को निर्दोष साबित करेंगे। कुछ दिन पहले दिए गए बयान में उन्होंने राजा भैया को अपने बड़े भाई जैसा बताते हुए कहा था कि उनके लिए वह सब कुछ कुर्बान करने को तैयार हैं। अब इस पूरे विवाद ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
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