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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 15 May 2026, 11:32 am
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नीट-यूजी परीक्षा को लेकर नई तारीख का ऐलान कर दिया है। अब यह परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। पेपर लीक की आशंका के चलते 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद लाखों छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब शिक्षा मंत्रालय और एनटीए ने दोबारा परीक्षा कराने की पूरी तैयारी शुरू कर दी है। इस बार परीक्षा प्रक्रिया में कई बड़े बदलाव भी किए गए हैं ताकि किसी तरह की गड़बड़ी दोबारा सामने न आए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद माना कि पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी गलत उम्मीदवार का चयन नहीं चाहती थी, इसलिए सख्त कदम उठाया गया।
परीक्षा में होंगे कई बड़े बदलाव
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि दोबारा होने वाली परीक्षा में छात्रों को राहत देने के लिए कई बदलाव किए गए हैं। परीक्षा की फीस पूरी तरह माफ कर दी गई है और छात्रों को दोबारा आवेदन शुल्क नहीं देना होगा। इसके अलावा इस बार अभ्यर्थियों को अपनी पसंद का परीक्षा शहर चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा। परीक्षा का समय भी बढ़ाया गया है। अब एग्जाम दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगा। एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि अगले साल से नीट परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड मोड में कराने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। इस बार देशभर में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया जाएगा।
सीबीआई जांच में सामने आया पेपर लीक नेटवर्क
पेपर लीक मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है और अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी के मुताबिक राजस्थान के सीकर तक पेपर पहुंचाने में एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। गिरफ्तार आरोपियों में मांगी लाल बिंवाल, दिनेश बिंवाल, विकास बिंवाल, यश यादव और शुभम खैरनार शामिल हैं। सीबीआई का दावा है कि छात्रों से पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए वसूले गए। जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र को पहले हाथ से लिखा गया और फिर उसे स्कैन करके पीडीएफ फाइल के रूप में फैलाया गया। सीकर के कई कोचिंग सेंटरों तक यह पेपर पहुंचा था। वहीं फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर परीक्षा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। पूरे मामले के बाद एनटीए की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा पर फिर सवाल
नीट देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है, जिसके जरिए एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष कोर्सों में दाखिला मिलता है। इस साल परीक्षा में करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे। देशभर में 5400 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इससे पहले 2024 में भी पेपर लीक विवाद सामने आया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा था। इस बार भी पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। अब सरकार और एनटीए पर परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। छात्रों को उम्मीद है कि इस बार परीक्षा निष्पक्ष तरीके से आयोजित होगी और उनकी मेहनत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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