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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 07 Mar 2026, 01:14 pm
नई दिल्ली: UGC से जुड़े कुछ प्रावधानों को लेकर देश के कई हिस्सों में असंतोष की चर्चा तेज हो गई है। इसी कड़ी में 8 मार्च को दिल्ली में बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक सवर्ण समाज से जुड़े कई संगठन राजधानी के रामलीला मैदान में इकट्ठा होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने की योजना बना रहे हैं। पिछले कुछ समय में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन देखने को मिले थे। अब आयोजकों का दावा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग दिल्ली पहुंचकर इस विरोध में शामिल हो सकते हैं। सोशल मीडिया और विभिन्न बैठकों के जरिए लोगों से 8 मार्च को दिल्ली पहुंचने की अपील भी की जा रही है।
आंदोलन से जुड़े नेताओं का कहना है कि यह विरोध अचानक नहीं शुरू हुआ है बल्कि लंबे समय से उठ रही चिंताओं का परिणाम है। उनका कहना है कि कई छात्र और युवा खुद को इन फैसलों से प्रभावित मान रहे हैं, इसलिए इस मुद्दे को लेकर लगातार चर्चा और बैठकें हो रही हैं। आयोजकों के मुताबिक यह विरोध शिक्षा और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसी क्रम में आंदोलन से जुड़े संगठनों ने दो प्रमुख मांगें भी सामने रखी हैं जिन पर चर्चा तेज है। प्रमुख मांगें UGC से जुड़े विवादित प्रावधानों की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने की मांग। शिक्षा और भर्ती से जुड़े नियमों की पारदर्शी तरीके से पुनः समीक्षा करने की मांग, ताकि सभी वर्गों को समान अवसर मिल सके।
आंदोलनकारी संगठनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो विरोध और बड़ा रूप ले सकता है। वहीं दिल्ली में होने वाले इस संभावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आयोजकों का कहना है कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, लेकिन अपनी मांगों को लेकर आवाज जरूर उठाई जाएगी। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है क्योंकि यह मामला सीधे शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़ा हुआ है।
दूसरी ओर केंद्र सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है और संबंधित पक्षों की बात सुनी जा रही है। सूत्रों के अनुसार सरकार इस मुद्दे पर संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। सरकार का कहना है कि नीतियां हमेशा समान अवसर और सभी वर्गों के हित को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। यदि किसी वर्ग को किसी फैसले को लेकर चिंता है तो उसकी बात सुनी जाएगी और जरूरत पड़ने पर सुधार की संभावना भी देखी जा सकती है। ऐसे में 8 मार्च को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। -आशीष शुक्ला, सह-संपादक की रिपोर्ट।
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