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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 07 Mar 2026, 12:04 pm
सहारनपुर जिले की बेहट तहसील स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक जमीन का कथित तौर पर फर्जी बैनामा कराने पहुंचे चार लोगों को वकीलों और जमीन मालिक ने पकड़ लिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर जमकर हंगामा हो गया और रजिस्ट्रार ऑफिस में काफी देर तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दो लोगों को हिरासत में ले लिया, जबकि दो आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। यह मामला मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव नोशेरा की जमीन से जुड़ा बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बैनामा कराने पहुंचे लोगों में एक स्थानीय सपा नेता और उसका दामाद भी शामिल बताए जा रहे हैं। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
बायोमेट्रिक मशीन पर लग रहा था फर्जी फिंगरप्रिंट
पीड़ित जमीन मालिक मिर्जापुर निवासी नदीम पुत्र नसीम ने बताया कि उन्हें दोपहर के समय सूचना मिली कि कुछ लोग उनकी जमीन का फर्जी तरीके से बैनामा कराने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वे तुरंत बेहट रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि एक युवक उनकी जगह बायोमेट्रिक मशीन पर फिंगरप्रिंट लगाने की कोशिश कर रहा था। यह देखते ही उन्होंने विरोध जताया और वकीलों के साथ मिलकर आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद मौके पर जमकर हंगामा शुरू हो गया। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दो युवकों को पकड़कर अपने साथ ले गई, जबकि अन्य दो आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित जमीन मालिक ने सभी आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर कोतवाली में दे दी है और कार्रवाई की मांग की है।
बेनामी संपत्तियों के फर्जी बैनामों का खेल फिर चर्चा में
बताया जा रहा है कि बेहट तहसील क्षेत्र में फर्जी बैनामों का मामला कोई नया नहीं है। सूत्रों के मुताबिक इलाके में लगातार बेनामी संपत्तियों को कम दामों में खरीदकर ऊंचे दामों पर बेचने का खेल चल रहा है। कई मामलों में पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की बेनामी संपत्तियों को बेचने के आरोप भी सामने आ चुके हैं। इस मामले में उनकी पत्नी फरीदा बेगम पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग कर चुकी हैं। आरोप है कि शाहपुर गाड़ा, बादशाहीबाग, मिर्जापुर, मायापुर रूपपुर, सफीपुर, कासमपुर और पाडली ग्रांट सहित कई गांवों के लोग इस खेल में शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि हाल ही में एक बेनामी संपत्ति को करीब 18 लाख रुपये में खरीदकर करीब 4 करोड़ रुपये में बेचने का मामला भी सामने आया है। ताजा घटना के बाद एक बार फिर बेहट क्षेत्र में जमीन के फर्जी बैनामों का मामला गरमा गया है और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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